Warning: Undefined variable $banner_tableDesc in /var/www/indostanru/data/www/indostan.ru/biblioteka/addon_random_ads.php on line 66

Warning: Trying to access array offset on null in /var/www/indostanru/data/www/indostan.ru/biblioteka/addon_random_ads.php on line 66

Warning: Undefined variable $banner_tableDesc in /var/www/indostanru/data/www/indostan.ru/biblioteka/addon_random_ads2.php on line 69

Warning: Trying to access array offset on null in /var/www/indostanru/data/www/indostan.ru/biblioteka/addon_random_ads2.php on line 69

Warning: Undefined variable $banner_tableDesc in /var/www/indostanru/data/www/indostan.ru/biblioteka/addon_random_ads3.php on line 57

Warning: Trying to access array offset on null in /var/www/indostanru/data/www/indostan.ru/biblioteka/addon_random_ads3.php on line 57
Сказки и истории на хинди. Дружба
Форум Блог Новости Путеводитель   Реклaма

Аудио-сказки › Сказки и истории на хинди. Дружба

Карма 120
7.10.2008
Сказки и истории на хинди. Дружба

अटूट मित्रता

अफ्रीका के एक गाँव में दो मित्र थे | एक का नाम कैपलो और दूसरे का मौनिस था | दोनों की मित्रता अटूट थी | दोनों गरीबी में पले थे |

कैपलो और मौनिस एक लुहार की दुकान में लोहा पीटने का काम करते थे | वे दोनों बहुत मेहनती थे |

एक दिन दोनों मित्र हाथों में हथौड़े लेकर लोहा पीट रहे थे | अचानक कैपलो का हथौड़ा मौनिस के हाथ पर जा लगा | मौनिस चोट से तिलमिला उठा | उसके मुँह से चीख निकल गई | कैपलो घबरा गया | उसने अपना वह हाथ भट्टी में डालकर झुलसा लिया जिसकी असावधानी से उसके मित्र को चोट लगी थी | कैपलो चीखा चिल्लाया नहीं | दर्द को पी गया |

मौनिस ने दुखी होकर कहा --- हाय कैपलो यह तुमने क्या किया ? अपना हाथ क्यों झुलसा लिया ? मेरे हाथ पर तुमने जान बूझकर तो हथौड़ा नहीं मारा था | अपने दर्द से नही बल्कि कैपलो के दर्द से मौनिस की आँखों में आँसू आ गये |

कैपलो ने मौनिस के आँसू पोंछते हए कहा --- तुमने मेरे हथौड़े की चोट सह ली तो क्या मैं भट्टी की आग नहीं सह सकता ?

मौनिस ने कैपलो के जले हाथ पर दवाई लगाते हुए कहा --- नहीं | नहीं | तुमने गलती की |

कैपलो ने मौनिस को बाँहों में भरते हुए कहा --- मित्र मौनिस ! मेरे पास इतना सोचने के लिए समय ही कहाँ था ?

एक दिन दुकान का मालिक चला गया | अब कैपलो और मौनिस ही उस दुकान और मकान के मालिक थे | कमाई बढ़ती गई परन्तु दोनों को संतोष न था |

एक दिन मौनिस ने पूछा --- आखिर तुम बनना क्या चाहते हो ?

कैपलो ने उत्तर दिया --- अपने देश का राजा | और तुम क्या चाहते हो ?

मौनिस बोला --- अपने देश का सबसे बड़ा व्यापारी |

कैपलो ने कहा --- क्यों नहीं। तुम सबसे बड़े व्यापारी बन सकते हो |

दोनों मित्र खिलखिला कर हँस पड़े |

एक दिन कैपलो चुपचाप शहर चला गया | वह लोगों को इकट्ठा करके अपने साथ मिलाने लगा | एक दिन लोगों ने उसे सचमुच राजगद्दी पर बिठा दिया |

उधर मौनिस भी पूरी लगन से व्यापार करता रहा | अब उसके जहाज विदेशो को माल ले जाते थे | वह सचमुच अपने देश का सबसे बड़ा व्यापारी बन गया था |

Вопросы для практики:

१ इस कहानी में दो मित्र थे | उनके नाम क्या थे ?

२ दोनों मित्र कहा काम करते थे ?

३ इस दुकान में क्या बनाते थे ?

४ मौनिस के हाथ पर केसे लगगेया ?

५ कैपलो ने अपने हाथ को कहाँ डाला ?

६ कैपलो ने अपने हाथ क्यों झुलसा लिया ?

७ मौनिस दवाई कहा लगाया ?

८ जब दुकान वाला चला गया तब दोनों मित्रों को क्या मिला ?

९ दोनों मित्र बड़े होकर क्या बनना चाहते थे ?

१० मौनिस के जहाज माल कहाँ ले जाता था ?

Словарик хинди-англ.

मित्रता friendship (f.)

अटूट unbreakable

पलना to be raised

पीटना to beat

मेहनती hard working

लोहा iron (m.)

हथौड़ा hammer (m.)

चीख scream (f.)

भट्टी furnace (f.)

झुलसाना to cause to be charred

असावधानी carelessness (f.)

जान बूझकर purposefully

पोंछना to wipe away

सहना to withstand

कमाई to earn

बढ़ना to gain

व्यापारी businessman

खिलखिलाना to giggle

राजगद्दी पर बिठाना to put someone on the royal throne

पूरी लगन से with all effort
 Скачать: Дружба. mp3
Помощь сайту
Случайные топики
Новое в Блоге